रोमेंटिक शायरी
ज़िंदगी मे प्यार किसने पाया है, हम यादों में झूमते है तुम्हारी और ज़माना कहता है, देखो आज फिर पीकर आया है...
हर एक मुलाकात पर वक़्त का तक़ाज़ा हुआ, जब से उसे देखा दिल का दर्द ताज़ा हुआ, सुनी थी सिर्फ़ गाज़ल में जुदाई की बातें, आज खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ.
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क्या कहूँ की अब तुझे मोहब्बत नहीं रही, तेरे प्यार में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
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